बदहाल और बदतर
रहना पड़ता है
दिखावा करना पड़ता है
शानो शौकत का शोख पालना पड़ता है
ना पसंद हो फिर भी जी हजूरी करना पड़ता है। बदहाल और बदतर
रहीसी का आलम अलग है
सबके दिल में जलता चिराग है
वीरानी जरूर है फिर भी उजालो का शोख पाल रखा है
भीतरी अन्धकार को मनो छुपाये रखा है। बदहाल और बदतर
ना कहे बनता है ना छिपाये
रहीसी ने सबको बहुत रुलाये
सब आते है अपने आपकप धनवान दिखाने
हमें आकर्षित करने और अपनी अमीरी दिखाने। बदहाल और बदतर
हमारा दीवानखंड एक मिसाल है
लोग कहते है वाह क्या महल है
'जैसे आपका हुस्न है वैसा ही दमदार '
हम थाम लेते है दिल जब नाम पुकारता है छड़ीदार। बदहाल और बदतर
कई रहीसजादे आते है दिल बहलाने
देते है महेंगे अपनी बात मनवाने
हम भी ज़माने को जान चुके है
कुछ कसर नहीं रखते उनको समजाने में। बदहाल और बदतर
वो परवाने है, जल जाना जानते है
अपनी परवाह हरगिज़ नहीं करते है
हमें अपना बनाने में सब कुछ लुटा देते है
मेरी चौखट को अपना बनाने के लिए अपना संसार जला देते है। बदहाल और बदतर
प्यार का आलम और ऐयाशी
बस समजलो है खुदकशी
समझलो समय होनेपर, तो बेहतर है
वरना जिंदगी बदहाल और बदतर है। बदहाल और बदतर
x neelesh purohit Unlike · Reply · 1 · Just now Hasmukh Mehta today by
x welcome aqdas majeed Unlike · Reply · 1 · Just now today
प्यार का आलम और ऐयाशी बस समजलो है खुदकशी समझलो समय होनेपर, तो बेहतर है वरना जिंदगी बदहाल और बदतर है। बदहाल और बदतर
manu thakkar manu Unlike · Reply · 1 · Just now · Edited
welcome saba rahil Unlike · Reply · 1 · Just now 22 Oct by
x welcome ishan gandhi Unlike · Reply · 1 · Just now
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x welcome santosh tiwari tiwari Unlike · Reply · 1 · Just now today