भाग्यशाली
शुक्रवार, १० जनवरी२०२०
अहो स्त्री
तुम दैवी पुत्री
अहोभाग्य हमारे
हम तुम्हारी कोख मेअवतरे।
प्रभु भी तुम्हारे गुण गाते
महिमा मंडन करते
अपने भाग्य को सराहते
हमेशा वंदन करते रहते।
माता के रूप में तुम सदा श्रेष्ठ
स्वार्थरहित योगदान उत्कृष्ट
हमेशा से रही हमारीइष्ट
हमें क्यों हो गए है आज रूठ?
ना रहा तुम्हारा मान
सरेआम होता आपका अपमान
कभी नहीं सूनाआपके कोख की अवमानना
और साथ में अकल्पनीय और अक्ष्म्य प्रताड़ना।
हमारा सर झुक जाता
सुनकर ही हमारे शरीर में सिरहन को लाता
क्यों हो रहा इतना चरित्रहनन?
करना पडेगा हमें मनन।
नारी तू नारायणी
हमारी भाग्यतारिणी
बहुमुखी प्रतिभाशाली
जिस के घर में तुम वो बड़ा भाग्यशाली।
हसमुख मेहता
Anshu Chopra Pal Bahut barhiya Thank you for sharing 1 Delete or hide this Like · Reply · 3m
Hasmukh Mehta aabhar aapkaa 1 Edit or delete this Like · Reply · 1m
नारी तू नारायणी हमारी भाग्यतारिणी बहुमुखी प्रतिभाशाली जिस के घर में तुम वो बड़ा भाग्यशाली। हसमुख मेहता
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मनचिन्तन ठगुन्ना 1 mutual friend