दो पल
Saturday, November 23,2019
7: 57 AM
ये तेरी मासूमियत
इसके पीछे क्या है हकीकत?
पहली ही मुलाक़ात
मुझे पता चला क्या है नजाकत?
जिंदगी कया है तेरी टेढ़ी चाल?
कभी ना पूछा मेरा हालचाल
मैटो बच गई बालबाल
तूने तो करना थी मेरा बेहाल।
मुझे अब फुर्सत नहीं
तेरा कोई काम नहीं है यहीं
हमें थोड़ा सा जी लेने दे
सब को प्यार से मिल लेने दे।
दो ही तो पल मिले है
वो भी तो सताते है
एक तो साजन से दुरी
और इच्छा रह गई है अधूरी।
ना कर मेरे साथ बेइंसाफी
बन के रहना मेरे साथ साकी
क्यों कर रही है परवा दुनिया की?
क्यों हमें तंग कर रही है बेहया।
चल थोड़ी सांस ले लेने दे
दो पल अच्छी तरह गुजारने दे
तेरी आहट से ही मेरा दिल बैठा जा रहा
मरा जीना तूने उभर कर रखा।
हसमुख मेहता
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चल थोड़ी सांस ले लेने दे दो पल अच्छी तरह गुजारने दे तेरी आहट से ही मेरा दिल बैठा जा रहा मरा जीना तूने उभर कर रखा। हसमुख मेहता Hasmukh Amathalal
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Rattha Thanongsrinarathee 3 mutual friends Message