गोरा हो या काला
रविवार, १ मार्च २०२०
गोरा हो या काला हो
पर दिल से मतवाला हो
सभी का रखवाला हो
दिल को जितनेवाला हो।
ना चमड़ी से हो पहचान
ना चेहरे से उसकी शान
बस चलन उसका अच्छा हो
मेरे दिलको बहुत भाता हो।
ना मैंने कभी गौर किया
ना कभी कोई शोर मचाया
बस दिल को खूब मनाया
उसको अपने में समाया।
वो रहां इंसानियत की मिसाल
उसकी हरकत भी रही बेमिसाल
में फ़िदा होती गयी
मन ही मन मुस्कुराती गई।
मेरे दिल का ना पूछो हाल!
उसने कर दिया है बेहाल
अब तो दुरी सहन नहीं होती
दिल मेंछुपी आशा को बता नही सकती।
रहे सदावो मेरे मन में
अटखेली करता रहे तन में
मन ही मन में सपने में राचु
खुले आकाश के तले मन से नाचु।
रहे ना कोई प्यार से वंचित
ये ना रहेगा कभी उचित
में रहूं सदा दिल से चिंतित
मेरा कलंकित हो ना अतीत।
हसमुख मेहता
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रहे ना कोई प्यार से वंचित ये ना रहेगा कभी उचित में रहूं सदा दिल से चिंतित मेरा कलंकित हो ना अतीत। हसमुख मेहता