हां में हां
माँगा नहीं दिल से
वरना ना होती कैसे
तुम दिल से मुझे चाहती रही
बस आँखे खुली रखकर देखती रही।
हो सकता है तुम दुविधा में थी!
आधा दिल इधर ओर आधा दिल उधर रखी थी
चाह में भी खोयी रहती थी
आँखे खुली पर जबान बंध रखती थी।
जैसे दुःख का इन्तेजार कर रही थी
सुख अपनेआप आएगा उसकी राह देख रही थी
मानो प्रेम अपने आप हो जाता होगा
जो मांगोगे वो आसानी से मिल जाता होगा।
प्यारा का अंदाज़ अलग होता है
ना कह सको तो कोई बात, नहीं हो जाता है
प्यार का इजहार मत करो बस पता चल जाता है
कदम अपने आप उसी और मोड़ जाता है।
ना मांगने से मिले वो सही
दिल कहे बारबार वही
बस हां में हां मिलाते जाओ
समय आने पर खुलके सामने आओ।
Aasha Sharma You are appreciated Hasmukh Mehta Ji. Unlike · Reply · 1 · 1 min
welcome aaasha sharma Unlike · Reply · 1 · Just now
पने आप उसी और मोड़ जाता है। ना मांगने से मिले वो सही दिल कहे बारबार वही बस हां में हां मिलाते जाओ समय आने पर खुलके सामने आओ।
elcome Rupal Bhandari Unlike · Reply · 1 · 3 mins
welcome welcome Binit Mehta Unlike · Reply · 1 · 1 min
welcome manisha mehta Unlike · Reply · 1 · Just now
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welcome tarun h mehta Unlike · Reply · 1 · Just now