हमे है मुहब्बत
शनिवार, १४ मार्च २०२०
नाम लेते ही बदनाम हो गए
जिंदगी से गुमनाम हो गए
कुछ तो अच्छा नाम होगा उसका
प्यार किया है तो डर काहे का?
दिल यूँ ही नहीं मिलते!
बातें यूँ ही नहीं करते
यदि प्यार उमड़ता ही रहेगा
तो दिल तो अपनी बात करेगा।
किसी को पता नहीं रहता
बस हर दिल अपनी ही बात करता
आँखे चुराता पर कह जरूर देता
जमाने का डर जरूर सताता।
दिल धबककर रखता ख़ामोशी
ना हो जाय मेरी नामोशी!
लोग क्या कहेंगे दिल से?
मन उलझता रहता इन बातों से।
" केह के तो देखो"?
प्यार के मज़े तो चखो!
इतनी हिम्मत तो जुटाओ
मिट तो वैसे ही जाना है परवानो।
दिल का पतावता कोई नही
दिल मानता है वो ही सही
ना दिल देखता है जातपात
ना मिलने पर हो जाता कुठराघात।
ऐसे प्रेम से है हमें भी मुहब्बत
बस थोड़ी सी हो मन की मरम्मत
बस भटकता रहता है गलियारों में
दुश्मनी की लकीर खींचता है यारों में।
हसमुख मेहता
ऐसे प्रेम से है हमें भी मुहब्बत बस थोड़ी सी हो मन की मरम्मत बस भटकता रहता है गलियारों में दुश्मनी की लकीर खींचता है यारों में। हसमुख मेहता Hasmukh Amathalal
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ऐसे प्रेम से है हमें भी मुहब्बत बस थोड़ी सी हो मन की मरम्मत बस भटकता रहता है गलियारों में दुश्मनी की लकीर खींचता है यारों में। हसमुख मेहता Hasmukh Amathalal