फ़रिश्तों मुझको लौटा दो दोबारा तिश्नगी मेरी,
वो देखो फिर सरे महफ़िल पिलाने वाला आया है.
कहाँ हैं वो जो करते थे रफू संगीन ज़ख्मों को
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awesome.............. उठो आगाज़ दिन का कर लिया जाये हलक तर से सहर का वक्त है रिन्दो! पिलाने वाला आया है.: ((10+
Sublime: कहाँ हैं वो जो करते थे रफू संगीन ज़ख्मों को गरेबाँ चाक है सीयो, सिलाने वाला आया है. Kya baat hai, , , , , Divine lines.
Khoobsoorat Ashaar..............................................................................................................
Apka hardik dhanywad, Akhtar Jawad Sahab.