Hindi Haiku (Tajmahal) Poem by S.D. TIWARI

Hindi Haiku (Tajmahal)

पत्थर नहीं
ख्वाबों से भी बनता
ताजमहल

वो प्यार नहीं
प्यार की निशानी है
ताजमहल

प्यार के ख्वाब
देख आये दिल में
ताजमहल

रौशन हुआ
पसीने में धुल के
ताजमहल

पैरों पे खड़ी
एक प्रेम कहानी
ताजमहल

इतराता है
चांदनी में नहा के
ताजमहल

मैं भी बना दूँ
मुमताज तो मिले
ताजमहल

Thursday, November 13, 2014
Topic(s) of this poem: haiku,hindi
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