जन्नत से आगे
शुक्रवार, १०अगस्त, २०१८
जन्नत से आगे क्या होगा?
तुम्हारी खूबसूरती का और पर्याय क्या होगा?
जो भो हो मेरी समझ के बहार होगा
मुझे आपको ही अपना बनाना होगा।
मै नहीं जानता
पर ख़ुबसूरति को जरूर मानता
भीतरी स्वरूप का मुझे नहीं मालुम
पर मुझे तुम लगी हो मासूम।
आप गैरत का नमूना नहीं
सच का सामाना करने की हिम्मत मुझ में नहीं।
पर कह तो जरुर दूंगा
अपना दिल खोलकर रख दूंगा
अदाकारा आप जरूर रही होगी
अपनी बात भी मनवाई होगी
परे में तो एक सीधासादा जमोनी इंसान
जरुर से मानूंगा एहसान।
कहता है"हसमुख"हकीकतअफ़साने में बदल जाती है
चेहरे की ताजगी झुर्रियों में बदल जाती है
फूल भी अपनी महक छोड़ देते है
कई इंसान तो कायरता से अपनी जिंदगी भी छोड़ देते है।
हसमुख अमथालाल मेहता
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कहता हैहसमुखहकीकतअफ़साने में बदल जाती है चेहरे की ताजगी झुर्रियों में बदल जाती है फूल भी अपनी महक छोड़ देते है कई इंसान तो कायरता से अपनी जिंदगी भी छोड़ देते है। हसमुख अमथालाल मेहता