Hasmukh Amathalal

Gold Star - 741,990 Points (17/05/1947 / Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India)

काश.....Kaash - Poem by Hasmukh Amathalal

काश

Wednesday, April 25,2018
5: 55 PM

काश वो भी ऐसा सोचते
और केहते रहते
"मुहब्बत पाक है और सिर्फ जिस्मानी नहीं है
उसको समज ने में सिर्फ आसानी ही आसानी है।

मुहब्बत यदि पैगाम है
वो वो बिलकुल ही बेलगाम नहीं है
मुहब्बत और प्यार एक ही सिक्के दो पहलू है
बाकि चर्चा बेवजह ओर फ़ालतू है।

हम तो खाली सोचते रह गए
और सपनो में खोते गए
कैसे कैसे दिमाग में बिचार आ गए?
शादी की रसम ऐसे ही निभाते गए।

हम तो बिखर ते ही गए
उनकी हर बात मानते गए
अब एक पल की भी दुरी सहन नही होती
फिर भी मन को मनाती रहती।

वो तो सबसे अलग ही है
क्या करें हम वो जो ठहरे सुहाग है?
हम ने भी एक टेक रख ली है
उनकी हर बात मान ली है।

अब तो बस कुछ दिन की ही देरी है
लग्नवेदी भी सजाई गयी है
मेहदी और बाकी की रसम पूरी हो गई है
अब तो दुल्हा की आने की देरी है।

Topic(s) of this poem: poem


Comments about काश.....Kaash by Hasmukh Amathalal

  • Mehta Hasmukh Amathalal (5/3/2018 11:54:00 AM)

    S.r. Chandrslekha Very nice
    1
    Manage
    Like · Reply · 46m
    (Report)Reply

    0 person liked.
    0 person did not like.
  • Mehta Hasmukh Amathalal (4/25/2018 10:58:00 AM)

    Aap bahut hi sunder Kavita likhte hai.... s r chandreslekha (Report)Reply

    0 person liked.
    0 person did not like.
Read all 2 comments »



Read this poem in other languages

This poem has not been translated into any other language yet.

I would like to translate this poem »

word flags


Poem Submitted: Wednesday, April 25, 2018



Famous Poems

  1. Still I Rise
    Maya Angelou
  2. The Road Not Taken
    Robert Frost
  3. If You Forget Me
    Pablo Neruda
  4. Dreams
    Langston Hughes
  5. Annabel Lee
    Edgar Allan Poe
  6. If
    Rudyard Kipling
  7. Stopping By Woods On A Snowy Evening
    Robert Frost
  8. Do Not Stand At My Grave And Weep
    Mary Elizabeth Frye
  9. I Do Not Love You Except Because I Love You
    Pablo Neruda
  10. Television
    Roald Dahl
[Report Error]