करके तो देखो
सोमवार, २८ दिसंबर २०२०
वो कहते गए
हम सुनते गए
रात की नींद दिन में देते गए
हम उठा ना सके सर, बस सोते ही गए।
क्या कह रहे थे वो?
कौनसा लम्हा सूना रहे थे
क्यों हमारे कान सुन्न हुए जा रहे थे?
जहाँ नहीं जाना था वहां हम जा रहे थे।
क्या वो छद्मवेशी जादूगर थे?
क्या वो असली हमसफ़र थे?
हम सोच नहीं पाए वो क्या थे?
पर दिल से लगा की वो अपने थे।
उनकी बांसुरी ने मानो जादू कर दिया!
जो बचा-कुचा था वो भी, अपने वश में कर दिया
हम जाए तो कहाँ जाए, आगे कुआँ और पीछे खाई है
पर हमें उनसे प्यार है, ये भी तो एक सच्चाई है
किसी को अपने वश में करना एक कसब है
प्यार जल्दी में पाने की एक तलप भी है
आलाप ते रहते है हम एक ही राग
ना दूर जा मेरे से, अब तो धीरे से जाग!
प्यार का नशा यूँही दूर ना हो पाएगा
मुश्किल है शायद वो, हमारा नहीं हो पाएगा
जल जाएगा खुद पर हमें भूल नहीं पाएगा
वक्त का तकाजा देखकर हमें अपना जरूर बनाएगा।
प्यार की हमने बनाई है मजबूत कड़ी
ये तो तबसे हो गया था जब आँखे थी लड़ी
मै तो आस लगाए बैठी थी और रह गई खड़ी
पता नहीं लगा की कब वो आए और बरसा दी चुम्बन की जड़ी।
प्यार का है यही बेनमून नजारा
नहीं है इसपर किसीका इजारा
करके तो देखो एक बार इशारा
दिल ख़ुशी से झूम उठेगा बेचारा।
डॉ जाड़ीआ हसमुख
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