नहीं खोना है
रविवार, ३० दिसम्बर २०१८
हर चीज को हमें तबज्जू देना है
और आरजू करना है
पता नहीं कौन हमारा मददगार हो जाए!
हमें अपना ले और हमारा जो जाए।
हमें नहीं मालुम
कौन सही है और कौन हमदम
हमें तो बस फिकर लगी रहती है हरदम
कौन बनेगा दोस्त और कौन बनेगा सनम?
समय की पहचान नहीं
किसीकी की दरकार नहीं
किसी तरह की पहचान का कोई आकार नहीं
और है भी तो कोई स्वीकार नहीं।
समय जाते देर नहीं लगती
समझने में कई साल लग जाते
जब समज आ जाए तो वक्त गुजर जाता है
मन ही मन फिर ग्लानि भर देता है।
समय रहते सबकुछ करना है
अपनों को समजना है
गैरों को भी अपनाना है
और जो अपने है उनको कभी नहीं खोना है,
हसमुख मेहता
Shreelekha Mistry Very nice thanks 1 Hide this Like · Reply · 4d
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समय रहते सबकुछ करना है अपनों को समजना है गैरों को भी अपनाना है और जो अपने है उनको कभी नहीं खोना है, हसमुख मेहता