नहीं मिलेगा
शुक्रवार, १ फरवरी २०१९
हम जीना तो चाहते है
पर कदर करना नहीं जानते
मनुष्य, मनुष्य में फेर करते है
एक दूसरे से अविश्वास रखते है।
जानते है हमारा आयुष्य कम है
फिर भी दुष्मनावट रखते है
वैमनष्य इतना की मरने मारने पर उतर जाते है
किसीका जीवन नष्ट करने को तैयार हो जाते है।
यदि यही हाल रहा तो
तो पूरी मानवजात नष्ट हो जाएगी
कोई किसीका विश्वास नहीं करेगा
मानवजात पर बट्टा लगाएगा
मन तो होता ही है चंचल
हमने छोड़ जाना है जो है चल. अचल
हमारी इच्छों का अंत कभी नहीं होगा
जीवन का काम यूँही तमाम होगा।
प्रभु का भी यही सन्देश है
हम सब को मिलकर रहना है
जिस के भाग्य में जो लिखा है वोही मिलेगा
इसके अलावा कुछ भी नहीं मिलेगा।
हसमुख मेहता
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प्रभु का भी यही सन्देश है हम सब को मिलकर रहना है जिस के भाग्य में जो लिखा है वोही मिलेगा इसके अलावा कुछ भी नहीं मिलेगा। हसमुख मेहता