पदचाप
शुक्रवार, ३ जनवरी 2020
किसी के कदमो की आहट
ला देती है चेहरे पे मुस्कराहट
मन में एक ख़ुशी सी पैदा कर देती है
मन -ही- मन खुश कर देती है।
जब आती है तो मानो चमन खिल उठता है
एक खुशबु सीफैला देता है
वातावरण में नरमी आ जाती है
ख्सुशी तो समख में आ जाती है।
पर ये क्या?
उनको बुरा लगा क्या?
क्यों कदम पीछे मोड़ दिए?
क्यों यकायक वापस चल दिए।
मेरा दिल बैठा चला गया
एक सिहरन सी पैदा करता गया
मनोमन में कांप उठा
अपने आपको कोसने लगा।
वो मुड़के चले तो गए
पर साथ में मेरा चैन लेते गए
क्या प्यार का यही पागलपन है।
जिस में अपनेपन का आभाव है।
हसमुख मेहता
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वो मुड़के चले तो गए पर साथ में मेरा चैन लेते गए क्या प्यार का यही पागलपन है। जिस में अपनेपन का आभाव है। हसमुख मेहता