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Mehta Hasmukh Amathalal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
Mehta Hasmukh Amathalal
Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
Saturday, September 12, 2020

पहेलीpaheli

पहेली
रविवार, १३ सितम्बर २०२०

जीवन है एक पहेली
बना दो उसे पक्की सहेली
छोड़करकभी नहीं जाएगी
आपका हर काम आसान कर देगी।

परेशानियां कभी ख़त्म नहीं होगी
आती रहेगी और जाती रहेगी
जीवन है कुछ ना कुछ तो होता रहेगा
कभी तूट जाने का डर भी सताता रहेगा।

सोचना जरुरी है
पर मज़बूरी नहीं है
कदम कदम पर बढ़ेगी तकलीफे
रोकने से भी नहीं रोक सकेंगे।

ऐसे जीवन से हमें है प्यार
चुनौती रहती हर बार
एक का हल निकाला तो दूसरी तैयार
हमारे और वोहो गए दोस्ताना यार।

जीवन की है ये लाक्षणिकता
चुनौतियों से भरी वास्तविकता
यदि है हम में एकता
तो कोई भी नहीं झुका सकता।

यदि यही जीवन है तो हमे नहीं रुकना
किसीकी बुराईयोंको नहीं ताकना
बस अपने में मस्त रहना
अगली रणनीति बनाए रखना।

मौक़ा बार-बार नही आता
गुजरा हुआ समय भी वापस नहीं आता
ऐसे मे हमे जरुरी कदम उठाने है
चट्टान सरीखी चोटी को सर करना है।

डॉ जाडिआ हसमुख
Mehta Hasmukh Amathalal
Topic(s) of this poem: poem
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