पैसा जरुरी.. Paisa Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

पैसा जरुरी.. Paisa

Rating: 5.0

पैसा जरुरी
Saturday, November 23,2019
9: 54 AM

नाम नहीं होता
काम भी नहीं होता
जब पैसा पास नहीं होता
रिश्ता भी गैर हो जाता।

माना की पैसा जरुरी है
और हमारी मज़बूरी भी है
यदि दानत बुरी नहीं है
तो हालत इतनी बुरी भी नहीं है।

माना की तुम्हारा कोई मोल नहीं
सब से इतना मेलजोल भी नहीं
फिर भी आप साख कायम है
क्योंकि आपके पास कुछ नियम है।

आज वक्त बुरा होगा
पर कल सवेरा होगा
जिंदगी फिर रौशनी से जगमगाएगी
खोई हुई शोहरत वापस ले आएगी।

इतना भी उसके पीछे मत दौड़ो
मुकाबला करो और डट के लड़ो
सफलता जरूर कदम चूमेगी
दुनिया आगे-पीछे घूमेगी।

धन नहीं, कोई गम नहीं
शोहरत नहीं, कोई मातम नहीं
सर सलामत है तो पगड़िया बहुत है
जिंदगी है तो दुनिया खूबसूरत है।

कम खाओ, गम खाओ
जो भी सामने आए, हँसके बुलाओ
नहीं लगते दाम खुशिओं को बुलाने के लिए
अरे जिंदगी भी कम है वैसे तो सफर करने के लिए।

हसमुख मेहता

पैसा जरुरी.. Paisa
Friday, November 22, 2019
Topic(s) of this poem: november,poem
COMMENTS OF THE POEM
Mehta Hasmukh Amathalal 22 November 2019

कम खाओ, गम खाओ जो भी सामने आए, हँसके बुलाओ नहीं लगते दाम खुशिओं को बुलाने के लिए अरे जिंदगी भी कम है वैसे तो सफर करने के लिए। हसमुख मेहता Hasmukh Amathalal

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Mehta Hasmukh Amathaal

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Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
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