पाने में क्या रखा है? .. Pane Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

पाने में क्या रखा है? .. Pane

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पाने में क्या रखा है?
रविवार, १५ मार्च २०२०

नहीं किया आपने अच्छा हमें भूलाकर!
हम तो देखते रहे उस आसमान की ओर
जो हमें कभी उत्साह से भर देता था
साथ में हमारी औकाद क्या है वो भी बता देता था।

हमने आप को अपना बना दिया
जलते हुए चिराग की और ध्यान नहीं दिया
सोचा यह अमन ऐसे ही कायम रहेगा
हमारे दिलों को शुकुन देता रहेगा।

लग गई किसी की नजर
आपने भी चुरा ली अपनी डगर
खिंच लिए पाँव पीछे
चल पड़े किसी अनजाने गाँव, बिना आंसू पोंछे।

हमें पता है आप ने मन बना लिया होगा
अपनी गृहस्थी में पाँव जमा लिया होगा
कभी नहीं सोचा होगा इस पगले के बारे में
खो गए होंगे अपने सुनहरे सपनों में।

प्रकृति का यही नियम है
हम सब उसपर कायम है
पीछे भूलते जाओ और आगे बढ़ते जाओ
खुशियां अपने पास है तो लुटाते जाओ।

यही जीवन है और यही ख्वाब है
आदमी का अपना मिजाज और रूतबा है
मिला तो सहर्ष अपनाया
दूर हो गया तो मन को मनाया।

नादाँ दिल तू कब तक दुखी रहेगा
कौन है यहाँ जो तुजे अपना कहेगा!
कब तक तू आंसू बहता रहेगा?
देख नदी की धारा, उसका प्रवाह तो चलता रहेगा।

यदि आज नहीं सीखा तो वक्त चला जाएगा
अंधेरो की गर्ता में डूबता रहेगा
सही सुख गँवाने में है
पाने में क्या रखा है?

हसमुख मेहता

पाने में क्या रखा है? .. Pane
Sunday, March 15, 2020
Topic(s) of this poem: poem
COMMENTS OF THE POEM
Mehta Hasmukh Amathalal 15 March 2020

Bhagirath Choudhary Bahut Sundar sabdavinyasa and sandesh 🙏❤️🌺 🌷 1 Hasmukh Mehta Bhagirath Choudhary 446 mutual friends Message Raju Panyang 345 mutual friends Message Muhammad Rafique Farooqi 186 mutual friends 1 Edit or delete this Like · Reply · 11m

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Mehta Hasmukh Amathalal 15 March 2020

Raju Panyang 345 mutual friends Message

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Mehta Hasmukh Amathalal 15 March 2020

welcome Bhagirath Choudhary 446 mutual friends Message Raju Panyang 345 mutual friends Message

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Mehta Hasmukh Amathalal 15 March 2020

Bhagirath Choudhary Bahut Sundar sabdavinyasa and sandesh 🙏❤️🌺 🌷 1 Hide or report this Muhammad Rafique Farooqi 186 mutual friends 1 Edit or delete this Like · Reply · 11m

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Mehta Hasmukh Amathalal 15 March 2020

यदि आज नहीं सीखा तो वक्त चला जाएगा अंधेरो की गर्ता में डूबता रहेगा सही सुख गँवाने में है पाने में क्या रखा है? हसमुख मेहता

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Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
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