पीछे छोड़ जाएंगे.. Pichhe Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

पीछे छोड़ जाएंगे.. Pichhe

Rating: 5.0

पीछे छोड़ जाएंगे
शुक्रवार, ६ दिसम्बर २०१९

नमन करू
सजदा करू
समय आनेपर
जान भी न्योछावर करू।

नहीं कर सकता कोई वादा
पर हमेशा रहा आमादा
धरती का नमक हमें चुकाना है
सर उसका नहीं झुकाना है।

नही करते हम कोई गुमान
पर रखते हम स्वाभिमान
रहीदिल मेंएक ही तमन्ना
बस धरती का एक ही ऋणहै चुकाना।

यही आग का ना हो शमन
बस करो प्रार्थना मनोमन
हर देशवासी अपनी प्रतिघ्या परकायम रहे
बस देश यूँ ही आगे बढ़ता रहे।

हम तो कल बीदा हो जाएंगे
पर क़दमों के निशाँ पीछे छोड़ जाएंगे
आने वाली पीढ़ी हमारामुल्यांकन करेगी
यदि खमीर होगा उनमे तो झंडा ऊंचा रखेगी।

हसमुख मेहता
साभार: अशोककुमार

पीछे छोड़ जाएंगे.. Pichhe
Friday, December 6, 2019
Topic(s) of this poem: poem
COMMENTS OF THE POEM
Mehta Hasmukh Amathalal 06 December 2019

Ashok Kumar Hasmukh Mehta Gratitude dear sir Jai Hind...Jai maa Bharti.. 1 Hide or report this Like · Reply · See Translation · 2h

0 0 Reply
Mehta Hasmukh Amathalal 06 December 2019

welcome Ashok Kumar.. welcome 1 Edit or delete this Like · Reply · 1m

0 0 Reply
Mehta Hasmukh Amathalal 06 December 2019

हम तो कल बीदा हो जाएंगे पर क़दमों के निशाँ पीछे छोड़ जाएंगे आने वाली पीढ़ी हमारामुल्यांकन करेगी यदि खमीर होगा उनमे तो झंडा ऊंचा रखेगी। हसमुख मेहता साभार: अशोककुमार

0 0 Reply
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
Close
Error Success