प्रभु आन बसो
Saturday, January 9,2021
7: 13 AM
प्रभु आन बसो मेरे घट मे
बस एक ही रट लगी है मन में
तेरे चरणों में गुजारु सारा जीवन
प्रभु रखिओ मेरी ख्वाइश सजीवन।
सारी उम्र माया संग कटी
पैसा, ऐश्वर्य जुटाने में लगी
फिर ऐसा ज्ञान हुआ की
मन विचलित हो उठा।
माया, मोह दिल उबाने लगा
मन को इसका रंज लगा
क्यों बिता दी मैंने अपनी जिंदगी?
बिना किए प्रभु की बंदगी!
अब तो तेरे चरणों में बितानी
अपनी बची-कुची जिंदगानी
मैंने की बहुत सी नाफरमानी
अब ना करनी कोई बेईमानी
सर मेरा तेरे चरणों में नमे
ना इधर-उधर किसी बात घूमे
बस अब तो एक ही है खेवना
घट में एक ही हो प्रभावना।
प्रभु तोरे धाम में मुझे मिले शक्ति
मन से हट जाय सदा अशान्ति
जीवन मेरा सफल हो जाए
भवसागर के चंगुल में ना फस जाए।
डॉ जाड़ीआ हसमुख
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