प्रेम और निष्ठा
शनिवार, ६ अक्टूबर २०१८
हां, ईश्वर उसीका है
जो सब को मानता है
किसी तरह का भेदभाव नहीं रखता है
और दिल से अपनाता है।
कोई नहीं उसे छू सकता
अपमानित कर सकता
या घर से निकाल सकता
वो रहता है सब का चहेता।
रौशनी उसे चकाचोंग नहीं कर सकती
अन्धेरा उसे भयभीत नहीं कर सकता
धन से उसे कोई खरीद नहीं सकता
गरीबीपन से उसे कोई भाप नहीं सकता।
मजहब उस्पार हावी नहीं हो सकता
दूसरे का धर्म उसे ललचा नहीं सकता
मानवता से ऊपर उसे कोई ले जा नहीं सकता
कर्मभूमि बनाकर बनाकर वो सबसे मिलकर ही रहता।
क्या ऐसा जीवन दुर्लभ है?
नहीं, बिलकुल सुलभ है
मानवता को खिलाना उसकी कला है
प्रेम और निष्ठा ही उसका करबला है।
हसमुख अमथालाल मेहता
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क्या ऐसा जीवन दुर्लभ है? नहीं, बिलकुल सुलभ है मानवता को खिलाना उसकी कला है प्रेम और निष्ठा ही उसका करबला है। हसमुख अमथालाल मेहता