प्रेम के ताने.. Prem Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

प्रेम के ताने.. Prem

प्रेम के ताने
शनिवार, १४ मार्च २०२०

करलो मजे, ले लो मजे
बादल भले ही गरजे
दुनिया कुछ भी कहे
पर ना भरो कभी आहे।

जेब है भारी
तो वो होगी तुम्हारी
बनेगी जोड़ी न्यारी
तुम रहोगे भाग्यशाली संसारी।

यदि जेब है खाली
तो नसीब भी देगा ताली
कोई नहीं आपको गास डालनेवाली
रखना तब सूरत रोनेवाली।

जीवन के है कुछ कायदे
उस से मिलते है फायदे
यदि करते हो उम्रभर के वादे?
तो जाहिर हो जाते है आपके इरादे।

यदि आनद लूटना चाहते हो
और कहते फिरते हो
तो बांध लो समा
ना राखौं प्रेम एक तरफ़ा।

यदि रूठ गई
लक्ष्मी माई
तो ना रहेगी सगाई
और कोई ना बनेगी लुगाई।

गँवा बैठोगे गाढ़ी कमाई
रूठ जाएगी लक्ष्मी माई
दरबदर ठोकरे खाते रहोगे
प्रेम के ताने सुनते रहोगे।

हसमुख मेहता

प्रेम के ताने.. Prem
Saturday, March 14, 2020
Topic(s) of this poem: poem
COMMENTS OF THE POEM
Mehta Hasmukh Amathalal 14 March 2020

गँवा बैठोगे गाढ़ी कमाई रूठ जाएगी लक्ष्मी माई दरबदर ठोकरे खाते रहोगे प्रेम के ताने सुनते रहोगे। हसमुख मेहता Hasmukh Amathalal

0 0 Reply
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
Close
Error Success