प्यार ही एक.. Pyaar Hi Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

प्यार ही एक.. Pyaar Hi

प्यार ही एक
शनिवार, १० जुलाई २०२१

प्यार में बड़ी ताकत है
उसमे नजाकत भी है
पर इजाजत नहीं
कोई भी शरारत बर्दास्त नहीं।

प्यार करना आसान नहीं
जैसे धरती और आसमान एक नहीं
धरतीपर स्वर्ग ला सकते हो
उसकी एहमियत को समज सकते हो।

प्यार कर तो सकते हो
पर निभा नहीं सकते हो
प्यार अच्छे, अच्छों को सबक सिखाता ही
जजबा रखने वालों को अपनाता है।

प्यास सबको लगती है
प्यार उसको मिटा सकती है।
प्यासा होना आम बात है
उसपर लगाम लगाना आम बात नहीं है।

जीना तो आसान हो सकता है
पर प्यार मरनेको उकसाता है
जी जाना एक आदत बन जाती है
प्यार की खुशबु सबको भाती है।

जीना सबको अच्छा लगता है
साँसों के साथ सूरज उगता है
जिंदगी कि डगर पर चलना वास्तविकता है
प्यार की उसमे बहुत ही आवश्यकता है।

विश्वास के सहारे जीवननाव चलती है
पर साथ-साथ तनाव देती रहती है
साथ में बदलाव होना बहुत ही जरुरी है
प्यार के बदले में उसका बहना जरुरी है।

प्यार बहा तो निकली आह
सब लोग बोल उठे वाह!
प्यार की चाहत सबको अच्छा बना देती है
प्यार ही एक अच्छे इंसान बनने का मौक़ा देती है

डॉ हसमुख मेहता
साहित्यिक

POET'S NOTES ABOUT THE POEM
प्यार बहा तो निकली आह सब लोग बोल उठे वाह! प्यार की चाहत सबको अच्छा बना देती है प्यार ही एक अच्छे इंसान बनने का मौक़ा देती है डॉ हसमुख मेहता साहित्यिक
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Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
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