देर ही सही अब तो दिल मिल जाने दो Poem by Rajan T Renganathan

देर ही सही अब तो दिल मिल जाने दो

Rating: 5.0

आवाज़ दो, बहुत देर हो रही है
कान सुनने को तरस रहे हैं
दिल उदास है रूह बेचैन है
फ़क़त आपके बुलावे की देर है

रुकी जा रही ये साँसे जैसी
धड़कन हो गयी कुछ धीमी जैसी
ज़िन्दगी भर तो करते रहे एसी तैसी
अब तो न करो मुझसे मस्ती वस्ति

जाने क्या लोग समझते मुझको
जो ये कहते हैं सब समझता मुझको
छोड़ दो ये दिल्लगी अब जाने दो
देर ही सही अब तो दिल मिल जाने दो

Friday, March 17, 2023
Topic(s) of this poem: ghazal
COMMENTS OF THE POEM
Zumas Millamo 17 March 2023

I read the traslation in french seems good.

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