उर्मिला का संताप Poem by ramesh rai

उर्मिला का संताप

उर्मिला के संताप को किसने समझा
जो वियोगन बनी इसी जनम में
तप किये चौदह बरस तक
त्यागा अपने जीवन का सुख
न होती उर्मिला इस जग में
रामायण सुना बन जाता
कौन बनता राम का सहयोगी
कौन बनता सीता का रखवाला
कौन करता इन्द्रजीत का बध ।

कैसे भुलाए उर्मिला के तप को
त्यागा अपना सोलह श्रृंगार
जब पति न होता अपने द्वार
न होती उर्मिला इस जग में
कौन हरता लक्ष्मण की निद्रा
फिर कैसे सफल हो पाता
राम का लंका विजय।

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@ Ramesh Rai
09/8/2026

Sunday, August 9, 2026
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