बसन्त का आगमन। Poem by ramesh rai

बसन्त का आगमन।

तुम आओ सखी ऋतु बसन्त में
सज धज कर आओ श्रृंगार सहित
बालों में गजरा माथे पर बिंदी
नए नए फूलों से सजकर आओ।

आओ सखी ऋतु बसन्त में
फागुन के रंग बिरंग परिधानों में
हे सखी तुम सज धज कर आओ
नए नए खुशबू में आओ।

मौसम में है तरूणाई आई
हर वृक्ष लता फल फूल से लदे
जीवन प्रांगण में देखा प्रकृति ने
नयी नई छटाएं लाई।

हे सखी तुम फागुन के गीतों में
हरियाली की मादकता गाओ।

Created on 03/10/2025
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@Ramesh Rai

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