रुलाते रहेंगे
तू बनतो गई मेरी माँ
अब ना करना: 'ना'
मुझे छोड़ कही मत जाना
मेरे सर को युही सहलाना।
मेरी सोच छोटी सी
बस छोटी किश्ती जैसी
में नहीं तैर सकता
क्योंकि मुझे नहीं आता।
स्वर्ग से उतरी हो
क्या धन्वंतरि हो?
मेरा भाग्य लिखोगी?
यहाँ से कभी वापस नहीं जाओगी?
मेरा कौन है यहाँ?
तुही तो है सारा जहाँ
मेरा सारा संसार तेरे में समाया
तूने ही तो मेरे में पॉर्न का अंश लाया।
ना चूका पाऊंगा कर्ज तेरा
यदि सारा जीवन लगा दू मेरा
जूता भी बना दूँ यदि मेरे शरीर का
मजुत बन जाएगा मेरे तक़दीर का।
सिर्फ तेरी याद ही बचेगी
मेरेको बेचेन ही करती रहेगी
मेरे नैन तेरे को ही ढ़ढेंगे
सामने तुझे देखकर भी नहीं हटेंगे।
ये रिश्ता है हम दोनों का
जनम जनम का, इंसानों का
याद करो तो आँख में आंसू ला देंगे
मरते दम तक रुलाते रहेंगे।
welcome pratilaval Like · Reply · 1 · 7 mins Hasmukh Mehta Hasmukh Mehta welcomebharat parmar Like · Reply · 1 · 7 mins Hasmukh Mehta Hasmukh Mehta welcome parmar satish Like · Reply · 1 · 7 mins
This poem has not been translated into any other language yet.
I would like to translate this poem
welcome bhanu lathiya Like · Reply · 1 · Just now