समाधान जरूर हो
रविवार, १३ दिसम्बर २०२०
इष्टदेव से बस एक ही अर्चना
रखते है दिली अभ्यर्थना
सदा रहे जीवन में बेहतरी
कामना करता रहता हु भीतरी।
एक डगर आगेकी ओर
ना मचाए कोई शोर
आई है नई भोर
जानेदो मुझे उजालों की ओर।
हो सकता है मेरा सोचना गलत हो
कोई उसे आहत भी होता हो
पर मेरी मनसा साफ़ है
बस सबको इन्साफ मिलता रहे।
प्रभु इतनी शक्ति मुझे देना
कुछ भी गलत नहीं होने देना
मेरा पहला कदम बेहतरी की और हो
दूसरा कदम और भी सुदृढ़ हो।
जीवन में अनिश्चितता का कोई स्थान न हो
जब भी हो, प्रस्थान सकारण हो
अकारण कोई भी प्रसंग की उपस्थिति ना हो
हर चीज का कोई ना कोई समाधान जरूर हो
डॉ जाड़िआ हसमुख
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