सपनों का तोल
गुरूवार, ३ सितम्बर २०२०
सपनों का तोल नहीं
जीवन में उसका मोल नहीं
जो हो गया सच तो ख़ुशी पार नहीं
जो ना हुआ तो दुखा अम्बार सही।
सपने को रखो अपने से ऊपर
बढ़ ते जाओ अपने पथपर
ना करना गीला
यदि मौक़ा ना मिला।
अपनों को ना खोना
सपनो को संजोना
जीवन में मेहनत से हल को जोतना
फिर फल के बारे मे सोचना।
जिनके सपने असल और संगीन
उनकी महफ़िल होगी रंगीन
जीवन के रंग में ख़ुशी लाएगी
सुख के सपनों को सजाएगी।
सपने नही तो आशा नहीं
जीवन जीने की चाह नहीं
सफल हो जाओगे तो आगे बढ़ोगे
सफलता के कदम चूमते रहोगे।
यही तो जीवन यही तो मकसद
यही तो आशा नही तो रुखसद
कहलाओगे मानद महाशय
यही तो होगा जीवन का आशय।
डॉ जाड़िआ हसमुख
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कहलाओगे मानद महाशय यही तो होगा जीवन का आशय। डॉ जाड़िआ हसमुख