शब्द और बाते, , Shabd Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

शब्द और बाते, , Shabd

शब्द और बाते
Monday, December 9,2019
8: 08 AM

दिल से लिखे शब्द और बाते
मनको खूब सुहाते
मन में सदा बेसे रहते
अकेले पड़ने पर बार-बार याद दिलाते।

यदि मिलना हो जाए
तो तक़दीर बदल जाए
एक दूसरे की बिना ना सुहाए
एक दूसरे के लिए हो सिर्फ दुआए

हम ने नहीं सोचा था
पर भाग्य में मिलना लिखा था
एक दूसरे के करीब आना था
एक दुसरे के हो जाना था।

कहते है "भाग्य से सब कुछ होता है "
जीवन से कुछ पाना होता है
कहते है "हर दाने पर" नाम होता है
नसीब से आदमी भाग्यवान हो जाता है।

नहीं कहते आप दिल खोलकर
सोचते रहते है क्या मिलेगा अपना बनाकर?
पर दिल है की मानता ही नहीं!
किसी के बारे में कुछ जानता ही नहीं।

आओ एक दूसरे का दुःख-सुख जाने
मिले के सुने और बांटे
हो सकता है जिंदगी में फिर बहार आ जाए
उजड़े हुए चमन में फिर फूल उग जाए।

हसमुख मेहता

शब्द और बाते, , Shabd
Monday, December 9, 2019
Topic(s) of this poem: poem
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Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
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