विद्यार्थी
गुरूवार, ९ जनवरी २०२०
हम है विद्यार्थी
पर देखी है निकलती अर्थी
जो आया हमको बेहका गया
अपना मतलब साधता गया।
हम भी बने रहे गडरिया प्रवाह
फुले नहीं समाये सुनते ही "वाह"
आपके बिना देश अधूरा
आप ही हो देश की धुरा।
हम है सूरज की शक्ति
लिख दो हमारे लिए पंक्ति
ये बिलकुल सही है उक्ति
हम सब को दिला सकते है मुक्ति।
हमारे हाथ में थमा देते है मशाल
पर हमें क्या पता स से हो जाएगा देश बेहाल
सख्त बनके टूट पडेगा काल
बिगाड़ देगा हमारी सुनहरी कल।
हमें दे दो हमारा भविष्य
हम भी बना चाहते है अच्छे मनुष्य
ना होने दो लोको में वैमनष्य
देश में फ़ैल जाएगा अँधेरा मावष्य
हसमुख मेहता
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हमें दे दो हमारा भविष्य हम भी बना चाहते है अच्छे मनुष्य ना होने दो लोको में वैमनष्य देश में फ़ैल जाएगा अँधेरा मावष्य हसमुख मेहता