वो दिल कहाँ से लाऊँ
Saturday, August 29,2020
12: 14 PM
वो दिल कहाँ से लाऊँ
तेरी खुशियों को में भर पाऊ
मेरे अंतर की बात बतला पाऊ
तेरे पर वारि-वारि जाऊं।
ना होए तुजे कभी गमगीनी
ना होए आँखे भीनी
आंसू कभी ना टपक पाए
तेरा चेहरा ख़ुशी से छलक जाए।
तूने कहा "चाँद-तारे तोड़ लाओ "
मेरी खुशियॉं को वापस ले आओ
यदि कर पाते हो तो कस्मे खाओ
वरना हमें अकेले छोड़ जाओ।
तारे तो क्या आसमान तोड़ लाऊँ!
चाँद से चांदनी भी लेकर आऊं
ना उठाओ हमें हवा में इतना
गिर जाऊं जमींपर ना हो सके उठना।
इंसान हूँ में प्यार का प्यासा
इतना तो दे दो मुझे दिलासा
दिल मे बसी है एक छोटी सी आशा
ना करना कभी हमें दिल से निराशा।
ज़िंदा हं और जिंदादिल भी
ना भागूंगा बुजदिल होकर भी
खड़ा रहूंगा, साथ चलूँगा
एक दूसरे का सहारा बनूंगा।
डॉ जाडीआ हसमुख
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खड़ा रहूंगा, साथ चलूँगा एक दूसरे का सहारा बनूंगा। डॉ जाडीआ हसमुख