sahare shayar


Best Poem of sahare shayar

ख्वाब भी बिखरे रहे और रात भी बिखरी रही

hiiiii frnds
this is सहारे शायर
रात की नींद से जागने के बाद अक्सर ये दिल कुछ यूँ महसूस करता है......कि तेरे ख्वाब, तेरी बातें, तेरी चाहत, तेरी आहट, तेरी दिल की धड़कन, और मेरी बेचैनियों की तडपन.................मुझे सोने नहीं देती

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ख्वाब भी बिखरे रहे और रात भी बिखरी रही
हर आसरा बिखरा रहा और साँस हर बिखरी रही

आज इन राहों में ये वीरानियाँ कैसी
साथ कोई भी नहीं और राह हर बिखरी रही

अब तो इस दिल से सुकू की आग भी बुझने लगी
उम्मीद सब टूटी रही और आस हर बिखरी रही

कुछ शक जेहन में बस गए और आंधियाँ चलने ...

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