NADIR HASNAIN


सदभाओ का पैग़ाम है बिहारी एलेक्शन - Poem by NADIR HASNAIN

सदभाओ का पैग़ाम है बिहारी एलेक्शन
हिंदू ना मुसलमान है बिहारी एलेक्शन
नफ़रत की सियासत को हम पहचान गए हैं
जनता का है फ़रमान ये बिहारी एलेक्शन


जुमले नहीं अवाम को अब काम चाहिए
जम्हूरियत का सच्चा निगहबान चाहिए
महगाई रहे दूर अमन शांति रहे
बदलाओ की शुरुआत है बिहारी एलेक्शन


गोविंद, महावीर, मौर्या, बौध की धरती
आर्या, कुंवर, अशोक की चाणक्या की धरती
तुझ पे है फ़ख़्र देश को जे.पी की सरज़मीं
क़ायम किया मिसाल है बिहारी एलेक्शन

: नादिर हसनैन

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Comments about सदभाओ का पैग़ाम है बिहारी एलेक्शन by NADIR HASNAIN

  • Mithilesh Yadav (1/23/2016 11:38:00 PM)


    Grrt composed...... Like it..... Thanx for sharing grt penned (Report) Reply

    0 person liked.
    0 person did not like.
  • Rajnish Manga (11/15/2015 1:11:00 PM)


    In the backdrop of results Bihar assembly election, you have paid a rich tribute to the people of Bihar and the values it upholds, its culture and the historical richness of the state. Thanks.
    जुमले नहीं अवाम को अब काम चाहिए
    जम्हूरियत का सच्चा निगहबान चाहिए
    (Report) Reply

  • Kumarmani Mahakul (11/15/2015 8:48:00 AM)


    जुमले नहीं अवाम को अब काम चाहिए
    जम्हूरियत का सच्चा निगहबान चाहिए
    महगाई रहे दूर अमन शांति रहे
    बदलाओ की शुरुआत है बिहारी एलेक्शन- - - really these should be. So nicely depicted the poem on the basis of election.
    (Report) Reply

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Poem Submitted: Sunday, November 15, 2015



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