संसार
ये संसार है
यहांबदलावनिररंतर
यहाँमिलन औरविरहमेंलगे अंतर
एक बिन्दू पेन ठहरे
ठहरेतो सड़न है
चंचल इस के नयन हैं
यहाँफूलबहुरंगी
मेहक भीहैतरंगी
तितलीमन बना भ्रींगी
यहाँ मायाखेले खेल
जिसमें लिपटीअमर बेल
इसके रिश्ते हैं बेमेल
यहाँ कैसा है न्याय
ज़ज कहें हुआ अन्याय
मांगें जनता से परियाय
अज़ब है दास्तांइसकी
गज़ब अंदाजे बयां है
तारीफ करूं मै किसकी
येमाया है य़ारों
कभी हुई है किसी की?
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