सुनहरे पल Poem by Ruta Mohapatra

सुनहरे पल

Rating: 5.0

क्या खूबसूरत चांदनी रात है
आकाश सितारों से भरा है
हल्की ठंडी हवा चल रही है
आज रात तुम मेरे साथ हो, मेरे दोस्त
कौन जानता है कि कल क्या होगा?

इस दुनिया में सब कुछ अस्थायी है
एक पल में जीना बेहतर है
इस पल की याद हमेशा हमारे साथ रहेगी
यह स्मृति हमें हमारे कठिन दिनों में खुश करेगी
एक खुशहाल जीवन ऐसे खूबसूरत पलों से बनता है

COMMENTS OF THE POEM
Dr Dillip K Swain 09 May 2021

A wonderful poem! Thanks for sharing! !

1 0 Reply
M Asim Nehal 09 May 2021

Behad pasand aayi aapki baat: एक पल में जीना बेहतर है इस पल की याद हमेशा हमारे साथ रहेगी यह स्मृति हमें हमारे कठिन दिनों में खुश करेगी

1 0 Reply
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