शेर और सियार की कथा Poem by M. Asim Nehal

शेर और सियार की कथा

Rating: 5.0

कई साल पहले शेर ने विशालकाय हाथी को वश में करने के बारे में सोचा
उसने हाथी के महल के पास एक मांद बनाना शुरू किया
पहले हाथी ने नजर अंदाज किया लेकिन फिर उसे होश आया
उसे अपनी और अपनी संतानों की आज़ादी पर क्या-क्या ख़तरा हो सकता है इसका विचार आया
उन्होंने जंगली जानवरों के संघ से शेर की निगरानी और उसकी मदद करने का आह्वान किया
जल्द ही उन्होंने शेर की गतिविधियों की जासूसी शुरू कर दी
हाथी ने संघ की मदद से शेर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया
शेर को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने अपना विचार बदल दिया

कुछ दशकों के बाद हाथी की संख्या और शक्ति में वृद्धि हुई
अब हाथी ने शेर पर अपना ज़ोर आज़माना चाहा
उसे पता था की शेर से वह अकेले नहीं लड़ सकता
उसने एक योजना बनायीं की वह सियार की मदद से शेर की मांद के पास
अपना किला सुरक्षा के नाम पर बनाये और वहां से हमला करे
शेर ने सियार को कड़ी चेतावनी दी की हाथी का साथ न दे
सियार ने हाथी से संपर्क किया और उसके समर्थन की पुष्टि की
हाथी ही नहीं बल्कि जंगली जानवरों के समूह ने पूरा आश्वासन दिया
आश्वासन के बाद भी सियार ने शेर की कही अनसुनी कर दी
शेर बार-बार दोहराता रहा कि वह सियार की हरकत बर्दाश्त नहीं करेगा
और अंत में, शेर ने जोरदार दहाड़ के साथ हमला किया
सभी जानवर पीछे हट गए और सुरक्षित दूरी पर चले गए
दूर से वो उम्मीदें देने लगे और शेर पीछे हटो और चले जो कहने लगे
कुछ ने कहा शेर हृदयहीन, क्रूर और निर्दयी हो गया है
बाहर से उन्होंने सियार के प्रति सहानुभूति दिखाई
लेकिन सियार अकेले लड़ रहा था कोई मदद को नहीं आया सिवाय दिलासे के
सियार का परिवार बिखर गया; घर बर्बाद हो गया
बच्चे तीतर-बितर हो गए और वह न शेर का मुक़ाबला कर पा रहा है
न अपना घर बचा पा रहा है, एक तमाशा बन गया उसक।

COMMENTS OF THE POEM
Rajan Trajan Renganathan 14 April 2022

Bahut badiya. Tanz ka bada umda kalam pesh kiya hai aapne.

0 0 Reply

The US has the biggest share in arms trade with 34% of the market, and unless there are wars, US economy will be in shambles. So, they stand to gain from wars. Hope, now you understand why elephant stoked the conflict, but stayed away from it.

0 0 Reply

2. As Finland and Sweden show interest to join nato, the Russian army has moved to its borders with Finland. But I nurture little hope that the US and EU would do anything to prevent an allo-out war. I fear, they take this as an opportunity to sell more arms.

0 0 Reply

Very interesting allegory. Yes! This is what we see today. Although the elephant can protect his protege, he does not risk the hazard. Thus the entire brunt of the ire of the lion is now borne by the poor jackal, as elephants and its group backed out, albeit mouthing threats

0 0 Reply
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
M. Asim Nehal

M. Asim Nehal

Nagpur
Close
Error Success