क्यू तेरे बगैर बेवजह मुझसे रूठता है ये दिल
क्यू सिर्फ तेरी ही शिकायते करता है ये दिल
क्यू करती है तेरी यादें इसे परेशान इतना
क्यू रहता है ये हर पल तेरे ही इंतज़ार मे
क्यू खोया है ये हर लम्हा तेरे ही प्यार मे
क्यू चाहा है इसने तुझे ही इस जहां मे
क्यू मांगा है इसने तुझे ही अपने अरमान मे
क्यू डरता है ये पागल तुझे खोने से
क्यू डरता है ये तुझसे इक पल भी जुदा होने से
क्यू करता है दुआ सदा तेरे ही पास आने को
क्यू नही समझती ये दुनिया इस बेगाने को
तेरे ही साथ के लिए बना है ये तो
तेरे ही प्यार मे फना है ये तो
जब दिल करे प्यार से पुकार लेना
तेरे ही साथ हरपल रहता है ये तो
क्यू तेरे ही ख्वाब सँजोता है ये तो
क्यू तेरी ही बातें करता है ये तो
क्यू इसका मुकाम सिर्फ तू ही है
क्यू इसके धड़कने की वजह सिर्फ तू ही है
क्यू इसने तेरे ही संग अपनी दास्तान बनाई है
क्यू इस दिल को सिर्फ तू ही रास आई है
तभी किसी ने कहा है....दिल तो पागल है........।
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