इल्म है तो ज़िंदगी आसान‌ है। Poem by Anjum Alinagari

इल्म है तो ज़िंदगी आसान‌ है।

इल्म है तो आदमी इंसान है।
इल्म है तो ज़िंदगी आसान है।।

इल्म से हिंदी है, हिंदुस्तान है।
इल्म से ही आप की पहचान है।

इल्म के फ़ूक़्दान से इंसान भी
धीरे धीरे बन रहा, हैवान है।।।

है बहुत अफ़सोस अहल ए इल्म से
आज ख़ाली इल्म का मैदान है।।

जल रहा है इल्म वालों का चिराग़,
ये ख़ुदा का बस करम, अहसान है।

पढ़ने लिखने से अगर बच्चे हों दूर,
मुल्क का सबसे बड़ा नुक़सान।।

इल्म की बू आप में होगी ज़रूर,
आप के अंदर अगर ईमान है।।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

Sunday, July 5, 2026
Topic(s) of this poem: moral teachings,motivation,education,high school,college,university,ghazal,urdu,indian,nazm
POET'S NOTES ABOUT THE POEM
इस नज़्म में इल्म की अहमियत को बताया गया है
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Anjum Alinagari

Anjum Alinagari

Alinagar, Darbhanga
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