सब मिल जुल कर काम करें। Poem by Anjum Alinagari

सब मिल जुल कर काम करें।

सब मिल जुल कर काम करें।
मुल्क का ‌ ऊंचा नाम करें।

क्या मिलता है लड़ने से
ज़ुल्म किसी पर करने से ।


आह ! तबाही ला सकती है।
आह ! के अंदर वो शक्ति है ।

धर्म ज़ात, न पात करो
बात बने, वो बात करो

सब्र का दामन छोड़ो मत ।
दिल ये किसी का तोड़ो मत।

आओ, हाथ मिलाते हैं ।
गीत ख़ुशी के गाते हैं।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

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Anjum Alinagari

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Alinagar, Darbhanga
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