कहानी ज़िंदगी की, ज़िंदगी भर याद आएगी। Poem by Anjum Alinagari

कहानी ज़िंदगी की, ज़िंदगी भर याद आएगी।

कहानी ज़िंदगी की, ज़िंदगी भर याद आएगी।
हंसेगा गुल अगर सुनकर , कली भी मुस्कुराएगी।

वहां से ही सफ़र की एक नई शुरुआत होती है,
जहां पर छोड़ कर, मतलब की दुनिया भाग जाएगी।

अगर तुम कामयाबी की बुलंदी पर पहुंचते हो ,
तो दुनिया आप को नीचा, कभी भी न दिखाएगी।

लहू दे दो, या दे दो ज़िंदगी तुम,
ये दुनिया आज़माती है, ये दुनिया आज़माएगी।।।

बचा लो डुबती नफ़रत से दुनिया को बचा लो,
ये नफ़रत , आने वाले दौर में , सबको रूलाएगी।।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

Thursday, September 10, 2026
Topic(s) of this poem: ghazal,hindi
POET'S NOTES ABOUT THE POEM
कहानी ज़िंदगी की, ज़िंदगी भर याद आएगी
COMMENTS OF THE POEM
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Anjum Alinagari

Anjum Alinagari

Alinagar, Darbhanga
Close
Error Success