देश की बेटी, हर दिन हर पल सहती है अपमान Poem by Anjum Alinagari

देश की बेटी, हर दिन हर पल सहती है अपमान

देश की बेटी
हर दिन
हर पल
सहती है अपमान।

इनके लिए जीवन का जीना
कहां है अब आसान।।।।।

हक़ के लिए लड़ना ही होगा,
चाहे जाए जान ।
नारी शक्ति बन कर उभरें,
ताकि हो सम्मान ।

दिल कहता, महिलाओं का
इतना तो हो मान ।
इनकी सुरक्षा और रक्षा में
भारत बने महान।
© अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार

Thursday, September 24, 2026
Topic(s) of this poem: daughter,woman
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महिलाओं के हक़ के लिए लिखी गई कविता
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Anjum Alinagari

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Alinagar, Darbhanga
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