छत से पानी टपक रहा है ।
छप्पर का क्या आलम होगा? ? ? ? ? ? ?
सोचो सोच कर देखो थोड़ा
वजह पता चल जाएगा।।।
गर्मी एक दिन पड़ेगी इतनी
सब का सब जल जाएगा।।।।
कहीं पे सूखा, कहीं सैलाब
होगा हानि न के लाभ।।।।
जन जीवन प्रभावित होंगे
तब ख़बर प्रकाशित होंगे।।।।
धरती पर अनहोनी होगा ।।।
चारों तरफ़ ये पानी होगा।।।
पेड़ लगाओ देश बचाओ
कोई तो अब आगे आओ।।।
वरना न हरियाली होगी।
और न ये खुशहाली होगी।।।
अगर पहल नहीं करेंगे।
सकूं से हरगिज़ नहीं रहेंगे।।।
आने वाला कल कहता है।।।।
मानव ग़फ़लत में रहता है।।।।
©अंजुम अलीनगरी, दरभंगा बिहार
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