अच्छे लोग में, अच्छा क्या है Poem by Anjum Alinagari

अच्छे लोग में, अच्छा क्या है

अच्छे लोग में,
अच्छा क्या है?
इनमें झूठा,
सच्चा क्या है?

मैं ने जितना जाना है।
उनको अच्छा माना है।

जिनकी बात निराली है।
दिल नफ़रत से ख़ाली है।

जो कहते हैं, ----

इल्म की दौलत, पाना है।
उसके बाद कमाना है।

दुबक के रहना नहीं है घर में।
आग लगी हो अगर शहर में।

अच्छे लोग, , , ,
ख़ुद के लिए, न जीते हैं।
ग़ुस्से को, ये पीते हैं।
गाली से न बात करेंगे
गले लगा कर बात कहेंगे।
अक्सर काम ये करते हैं ।
रब से अपने डरते हैं।
न ये दिखावा करते हैं।
न ही किसी से लड़ते हैं।

इनको मस्जिद जाना है।
लौट के घर को आना है।

ज़ुल्म नहीं ये सहते हैं।
सच को सच ही कहते हैं।

अच्छे लोग कहां हैं मिलते।
मिलें, तो जाकर हम भी मिलते।
© अंजुम अलीनगरी दरभंगा बिहार

Sunday, August 23, 2026
Topic(s) of this poem: educated,people
POET'S NOTES ABOUT THE POEM
अच्छे लोगों की ख़ूबी क्या क्या हो सकती है
COMMENTS OF THE POEM
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Anjum Alinagari

Anjum Alinagari

Alinagar, Darbhanga
Close
Error Success