धीरज के फल
गुरूवार, १९ जुलाई २०१८
फूलों की तरह मेहकाओ
चिडयों की तरह चेहकाओ
हरदम दिल से मुस्कुराओ
और बस लिखते ही जाओ।
यही हमारी शुभकामना
आपकी हो बड़ी नामना
गूंज उठे सारा कौना
लोग भी पूछे"कौन है ये अदना "
सितारों से भी आगे
दूसरे ग्रहों से भी आगे
सब को बस यही लगे
अपने आप में एक आस सी जगे।
कविजीवन एक भावनात्मक संयोग है
उसकी लिखाई में वियोग है
कहीं कहीं मधुर मिलन
और कहीं कहीं दिखता है विलन।
फिर भी कवि देता है सांत्वना
यही रहती है उसकी भावना
कवि दिल होता है निर्मल और स्वच्छ
ना करो जलील उसे समज के तुच्छ।
ना चाहिए उसे दौलत और ऐश्वर्य
उसने तो रखना है धैर्य
धीरज के फल मीठे होते है
बिना मौसम आ जाए तो खट्टे लगते है
हसमुख अमथालाल मेहता
S.r. Chandrslekha Wonderful write! 1 Manage Like · Reply · 45m
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कविजीवन एक भावनात्मक संयोग है उसकी लिखाई में वियोग है कहीं कहीं मधुर मिलन और कहीं कहीं दिखता है विलन।..........So true. A beautiful poem nicely executed. Thanks for sharing.
tks mahakul