हजार मिल जाएंगे.. Hajar Poem by Mehta Hasmukh Amathaal

हजार मिल जाएंगे.. Hajar

Rating: 5.0

हजार मिल जाएंगे
शुक्रवार, २ ओक्टोबर २०२०

एक मांगो हजार मिल जाएंगे
इंसानके भेष मे भेड़िये मिल जाएंगे
दे दो दवा तो दर्द दे जाएंगे
यदि दोगे सहारा तो बाद में असहारा कर जाएंगे।

मांगी थी महोब्बत
पर सोबत अच्छी नहीं थी
वो थी तो दिलदार
पर थोड़ी सी कसर जरूर थी

पता नहीं वो नजरे क्यों चुराती थी?
आँखे मिलाने से क्यों कतराती थी?
में नहीं पढ़ पाया उसका इरादा
वो तो वादा भूलने की फ़िराक मे थी।

मेरा दिल थोड़ा थोड़ा समजने लगा
उसकी बातोंका कयास लगाने लगा
पता नही मेरा दिल क्यों गंवारा कर रहा था!
बार-बार मेरे कदम को रोकरहा था।

देर आएदुरस्त आए
सुबह का भुला शाम को घर आए
अच्छा हुआ वो दिल तो नहीं तोड़ पाई
पर मुजे सलामत मोड़पर ले आई।

प्यार करो तो एहसास भी होना चाहिए
दिल के अंदर छवि को बस ना चाहिए
प्यार भरा गुंजन कानो में बजना चाहिए
ओर मिलो सामने तो दिल जोर से धड़कना चाहिए।

ऐसे प्यार की है मुजे कल्पना
जो बनाती है मुजे दीवाना
में देखता रहता हु सुन्दर सपना
कोई तो कहे मुजे अपना।

डॉ. जाडीआ हसमुख

हजार मिल जाएंगे.. Hajar
Friday, October 2, 2020
Topic(s) of this poem: poem
COMMENTS OF THE POEM
Mehta Hasmukh Amathalal 02 October 2020

anass lakehal 1 Edit or delete this Like · Reply · 1m

0 0 Reply
Mehta Hasmukh Amathalal 02 October 2020

Poem: 59299867 - हजार मिल जाएंगे.. Hajar Member: M Asim Nehal Comment: Wah wah bahut khoob जब थक हार कर बैठ गया तब यादों का पिटारा खोला देख दांग रह गया माला में जड़ी चमकदार मोतियों सी वक़्त के घुंघरुओं पे थिरकती, नृत्य में मग्न M.Asim Nehal

0 0 Reply
M Asim Nehal 02 October 2020

Wah wah bahut khoob जब थक हार कर बैठ गया तब यादों का पिटारा खोला देख दांग रह गया माला में जड़ी चमकदार मोतियों सी वक़्त के घुंघरुओं पे थिरकती, नृत्य में मग्न M.Asim Nehal

0 0 Reply
Mehta Hasmukh Amathalal 02 October 2020

में देखता रहता हु सुन्दर सपना कोई तो कहे मुजे अपना। डॉ. जाडीआ हसमुख

0 0 Reply
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Mehta Hasmukh Amathaal

Mehta Hasmukh Amathaal

Vadali, Dist: - sabarkantha, Gujarat, India
Close
Error Success