जीवन एक सफर
रविवार, १८ नवंबर २०१८
जीवन एक सफर
मिल जाते है कितने ही मुसाफिर
नहीं मिलते दुबार फिर कभी भी
यादें छोड़ जाते है मन पर भी।
पता नहीं क्यों हमारा दिल खिंच जाता?
फिर वो बारबार पटल पर आ जाता
हमारा दिल भी बातें करने को मचलता
पर हमें नहीं मिलती कोई भी सफलता.
इस सफर में काटें भी होते
और फूल भी लगते
हम हरबार रंगीन सपने संजोते
उसे साकार करने के लिए उत्सुक रहते।
जिंदगी का सफर अचानक दुसरा मोड़ ले लेता
जीवन में दुःख का बादल दिख जाता
उसकी चिंता में मनुष्य निराश हो जाता
सही, गलत का अंदाजा नहीं लगा पाता।
जीवन से हमें कोई शिकायत नहीं
हमें तो जीना भी यहीं और मरना भी यहीं
जीवन के नाजुक पल में साथ निभाना
परायों को भी जीवन बसाकर अपनाना।
हसमुख मेहता
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जीवन से हमें कोई शिकायत नहीं हमें तो जीना भी यहीं और मरना भी यहीं जीवन के नाजुक पल में साथ निभाना परायों को भी जीवन में बसाकर अपनाना। हसमुख मेहता