कोई किनारा
शनिवार, २ फरवरी २०१९
नहीं मिलता मुझे कोई किनारा
मेर दिल में उठता बस एक ही नारा
बढ़ना मुझे जरूर है आगे
पर मुसीबत मुझे खींचे पीछे।
मनोबल मेरा कमजोर नहीं
अंदरूनी साहस भी कहता यही
जो समंदर में डुबकी लगाएगा
वोही दुर्लभ मोती पाएगा।
बिना काम किए कुछ मिलता नहीं
साहस किए बिना कुछ पाता नहीं
कई लोग होश और जोश में आपा खो देते है
हाथ में आई बजी को खो देते है।
जीवन में लगन का होना बहुत जरुरी
कभी नहीं बदलता मंसूबा घडी-घडी
आज जो काम करना है वो करलो अबघड़ी
नहीतर फिर आ जाएगी पछताने की घडी।
जीवनमें सब को मनचाहा नहीं मिलता
कुछ चीजे अपनी मेहनत से ही पा सकता
कुछ चीजे तो नसीब से ही मिलती
इसमें नहीं होती किसीकी भी गलती।
हसमुख मेहता
जीवन में सब को मनचाहा नहीं मिलता कुछ चीजे अपनी मेहनत से ही पा सकता कुछ चीजे तो नसीब से ही मिलती इसमें नहीं होती किसीकी भी गलती। हसमुख मेहता
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Wave is awakened near the shore of mind. Beauty of joy is awakened with perception. Still a person searches for life's shore. An excellent poem is beautifully penned.10