मान लो ये सत्य
मंगळवार, ४ सितम्बर २०१८
दुनिया बहुत जहरीली है
ऊपर से नरम अंदर से खाली है
दिखावा है इतना की आप चक्कर खा जाएंगे
जिनको गिनते हो अपने, वो भी पराए हो जाएंगे।
यहाँ कोई सगाई नहीं चलती
बस जूठ परदुनिया चलती
किसी को तो कायम से बीदा कर देती
और किसी के लिए जहन्नुम बनाकर रख देती।
पर हमें तो यहां ही रहना है
भला, बुरा का भी सोचना है
यदि संसार का यही नियम है
तो हमे भी उसपर कायम होना है।
हमारे सोचने से कुछ भी नहीं बदलेगा
यदि सब लोग अच्छा सोचेगें तो हल अवश्य निकलेगा
दुःख के साथी भुलाए नहीं जाते
सुख के साथी यूँही गुम हो जाते है।
इतना सोचो "आप हो तो दुनिया है "
इसमें पहेलियाँ ही पहेलियाँ है
यदि जान है तो जहान है
ऐसा समजो गे तो आप महान है।
किसी के चले जाने से यहां कोई नहीं रोता
सब को अपना स्वार्थ ही नजर आता
"चलो चला गया तो अच्छा हुआ "
हमारे पीछे कुछ भी छोड़कर नहीं गया
"मान लो ये सत्य"तो बहुत ही अच्छा है
यदि फिर भी संसार में रखने की मनसा रखते हो
और ज्यादा फल चखना चाहते हो
तो समज लो आप ज़िंदा नरक को देखना चाहते हो।
हसमुख अमथालाल मेहता
welcome Bhavesh Rana Ramesh 1 Manage Like · Reply · 1m
Ashwin Khambholja Be a good person But Don't Try Prove It 1 Manage Like · Reply · 1h
welcome mahendra jain 1 Manage Like · Reply · 1m
S.r. Chandrslekha Very true. 1 Manage Like · Reply · 1m
welcomeNilesh Salunke 1 Manage Like · Reply · 1m
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