मेरी आरजू
शनिवार, २६ अक्टूबर २०१९
ऐसा बेवकूफ जमाई
जो रौफ ना जाड सके लुगाई!
करा कराया सब पानी मे मिल जाएगा
जो ऐसा पति तुम्हे मिल जाएगा
ऐसे पति की इच्छा जताओ
और सब को बताओ
गर्व से कहो
में सुखी हूँ और आप भी सुखी रहो।
रूखी-सुखी रोटी से चला लुंगी
तन पर क़पड़ा फटा होगा तो भी रूठ नहीं जाउंगी
सर तान के खड़ी रहूँगी और सब को बताउंगी
पर मेरे "भाग्य मे कुछ कमी है" ऐसा कभी नहीं बताऊँगीं।
बसमुझे अपना समझे
मेरी हर बात से रीझे
मेरे प्यार की एहमियत को जाने
पराए और अपने का भेद जाने।
ऐसा पति यदि मिल जाए
मेरे संसार को चार चाँद लग जाए
दुनिया भी ये देखती रहे
अपने ही मुँह से कहती रहे ।
में भाग्य में यदि लिखा है स्वर्ग
तो जीवन कभी ना बने नरक
दिल से में धनि अपने को समजू
यहि है मेरे दिल की आरजू।
हसमुख मेहता
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में भाग्य में यदि लिखा है स्वर्ग तो जीवन कभी ना बने नरक दिल से में धनि अपने को समजू यहि है मेरे दिल की आरजू। हसमुख मेहता Hasmukh Amathalal