मुस्कुराहट
गुरूवार, १६ अगस्त २०१८
मुस्कुराते रहिए
और अपने दिल से कहिए
बहुत कर लिए अत्याचार
अब तो ना करो विचार।
गम के लिए हम अकेले नहीं
साथ में आनेवाला कोई नहीं
हंसने के लिए कोई पैसा नहीं
मन में बैठ जाएतो इसके जैसा कोई सुख नहीं।
मुस्कराहट
दूर करती है गभराहट
आहत मन को देता है शांति
मन रहे प्रफुल्लित और ना रहे कोई करुणान्ति।
सारी दुनिया के लिए एक ही उपाय
रहे ना कोई यहां निरुपाय
ग्लानि कर देती है निष्प्राण
इसका ना पूछो कोई प्रमाण।
ना आहट से आहत
बस मिले सबसे राहत
मुस्कुराना और सदा खुश रहना
जीवन में यह मन्त्र जरूर अपनाना।
हसमुख अमथालाल मेहता
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